सार
Kamakhya Express Train Derailed: ओडिशा में नेरगुंडी रेलवे स्टेशन के पास कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन रविवार को पटरी से उतर गई थी। हादसे में एक शख्स की मौत और आठ यात्री घायल हुए थे। ट्रेन के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए थे।

पूर्वी तटीय रेलवे ने एक बयान में बताया कि एक महिला यात्री को गंभीर चोटें आई हैं और दो अन्य पुरुष यात्रियों का इलाज चल रहा है। कटक के जिला कलेक्टर दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने पहले कहा था कि दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत होने की खबर है और आठ अन्य घायल हो गए, लेकिन रेलवे ने दावा किया कि घायलों की संख्या तीन ही है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दुर्घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा, ‘अधिकारी मौके पर हैं। हर संभव मदद सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने का काम किया जा रहा है। सहायता के लिए हेल्पलाइन सक्रिय की गई हैं।

इस बीच दुर्घटना स्थल से फंसे यात्रियों को लेकर एक विशेष ट्रेन कामाख्या के लिए रवाना हुई। रेलवे ने मृतक यात्री और घायल व्यक्तियों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की। आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। ऐसे ही गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख और सामान्य रूप से घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’
रेलवे ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत कोलकाता के दक्षिण पूर्वी सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) बृजेश मिश्रा ने रविवार रात कटक के पास पटरी से उतरने वाली जगह का निरीक्षण किया। इसमें कहा गया कि पटरी से उतरने की घटना और उससे जुड़े मामले के बारे में जानकारी रखने वाला कोई भी व्यक्ति और साक्ष्य देने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति 1 और 2 अप्रैल को खुर्दा रोड डिवीजन के डीआरएम कार्यालय, जटनी (खुर्दा रोड) आकर जानकारी दे सकता है। इस मामले पर आम लोग रेलवे सुरक्षा आयुक्त, दक्षिण पूर्वी सर्किल, 14, स्ट्रैंड रोड, 12वीं मंजिल, कोइलाघाट, कोलकाता-700001 को लिख सकते हैं।

बताया गया कि पटरी से उतरी ट्रेन के एक दर्जन से अधिक यात्री मौसम और सदमे की वजह से बीमार हो गए। उनका इलाज पटरी से उतरी जगह के पास अस्थायी स्वास्थ्य शिविर में किया गया। उनका इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि कुछ यात्रियों को किसी भी तरह की चोट के बाद पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से बचाने के लिए सामान्य सलाइन दी गई। उन्होंने बताया कि बाद में उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

