पंजाब द्वारा आबकारी राजस्व में ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्थापित, वर्ष 2024-25 में प्राप्त किए 10743.72 करोड़ रुपए: हरपाल सिंह चीमा
इतिहास में पहली बार वैट, सी.एस.टी, जी.एस.टी, पी.एस.डी.टी और आबकारी से 40,000 करोड़ रुपए से अधिक वार्षिक राजस्व प्राप्त करने का मील का पत्थर किया स्थापित
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पारदर्शी आबकारी नीतियों और करदाता-पक्षीय पहकदमियों को दिया बढ़े हुए राजस्व का श्रेय
कहा, बढ़े हुए कर राजस्व स्वरूप ही ‘बदलदा पंजाब’ बजट प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को देगा रफ्तार
प्रण किया कि नागरिकों पर किसी भी अतिरिक्त कर का बोझ डाले बगैर राजस्व प्राप्तियों में बढ़ोतरी रखी जाएगी जारी
चंडीगढ़, 1 अप्रैल
पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि प्रदेश के आबकारी और कराधान विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 10,743.72 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड तोड़ आबकारी राजस्व प्राप्त कर पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 16.36 प्रतिशत की प्रभावशाली वार्षिक बढ़ोतरी दर हासिल की है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान वैट, सीएसटी, जीएसटी, पीएसडीटी और आबकारी से राज्य का कुल राजस्व प्रदेश के इतिहास में पहली बार 40,000 करोड़ रुपए की सीमा को पार करते 12.47 प्रतिशत बढ़ोतरी दर के साथ 42289.97 करोड़ रुपए रहा।
यहां जारी प्रेस बयान में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार द्वारा लागू की गई सफल आबकारी नीतियों को आबकारी वसूली में हुयी उल्लेखनीय वृद्धि का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के 10145 करोड़ रुपए के लक्ष्य को पार करते हुए लक्ष्य के मुकाबले आबकारी राजस्व में 598.72 करोड़ रुपए की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। मार्च 2025 में, पंजाब ने आबकारी राजस्व में 30.67 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर हासिल की, जिससे 1477.04 करोड़ रुपए प्राप्त हुए, जो मार्च 2024 में प्राप्त हुए 1130.37 करोड़ रुपए से एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब प्रदेश ने आबकारी राजस्व में पांच अंकों का आंकड़ा पार किया है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे खुलासा किया कि प्रदेश ने वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) वसूली में भी 12.99 प्रतिशत की शुद्ध वार्षिक वृद्धि दर देखी है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 20,923.37 करोड़ रुपए के मुकाबले 23,642.15 करोड़ रुपए की शुद्ध वार्षिक प्राप्ति रही। वित्त मंत्री ने कहा कि मार्च 2025 में प्रदेश ने 1,913.82 करोड़ रुपए की शुद्ध जीएसटी प्राप्ति दर्ज की, जो मार्च 2024 में 1,761.70 करोड़ रुपए की तुलना में 8.63 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रदेश ने इस वित्तीय वर्ष के दौरान वैट में भी 5.42 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करते हुए 7,353.32 करोड़ रुपए की वार्षिक प्राप्ति की है, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 6,975.3 करोड़ रुपए थी।
वित्त मंत्री चीमा ने इन प्राप्तियों का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी आबकारी नीतियों और आबकारी तथा कर विभाग की उन प्रवर्तन गतिविधियों को दिया जिसके परिणामस्वरूप पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी को सफलतापूर्वक रोका गया। उन्होंने कहा कि विभाग ने ‘बिल लाओ इनाम पाओ’ योजना जैसी पहलों के माध्यम से और तकनीकी समाधानों एवं टैक्स इंटेलिजेंट यूनिट का लाभ उठाकर कर पालन को प्रोत्साहित करके जीएसटी राजस्व को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने दो-तरफा रणनीति अपनाई है, जिसमें ईमानदार करदाताओं को हर संभव सहायता प्रदान करने के साथ-साथ कर चोरी करने वालों पर शिकंजा कसना शामिल है, जिससे एक निष्पक्ष और पारदर्शी कर प्रणाली सुनिश्चित की गई है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के कर राजस्व को प्रोत्साहन देने की इन कोशिशों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार को ऐतिहासिक ‘बदलदा पंजाब’ बजट पेश करने के योग्य बनाया है, जिसका उद्देश प्रदेश के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास के युग की शुरुआत करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों पर किसी नए कर का बोझ डाले बगैर कर राजस्व को और बेहतर बनाने के लिए नई पहलों को जारी रखेगी।