हरियाणा में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाएं प्रभावी कदम: अनिल विज
चंडीगढ़, 27 मार्च – हरियाणा के ऊर्जा, श्रम एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
वे आज विधानसभा में विधायक श्रीमती गीता भुक्कल द्वारा प्रस्तुत गैर-सरकारी प्रस्ताव का उत्तर दे रहे थे, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मानव संसाधन की क्षति और विकलांगता को रोकने के लिए सुरक्षित व सुगम यात्रा सुनिश्चित करने हेतु नीति बनाने की मांग की गई थी।
अनिल विज ने बताया कि इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत 12 जिलों में ट्रैफिक निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों के लिए निःशुल्क कैशलेस उपचार योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत प्रति व्यक्ति प्रति दुर्घटना 1.50 लाख रुपये तक का अधिकतम सात दिनों के लिए निःशुल्क उपचार दिया जाता है ।
उन्होंने बताया कि तेज गति पर नियंत्रण के लिए स्पीड डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं और ओवर-स्पीडिंग रोकने के लिए 62 इंटरसेप्टर वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। सड़क सुरक्षा पहलों को प्रभावी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और दुर्घटना डेटा विश्लेषण के जरिए सुधार के प्रयास जारी हैं। राज्य परिवहन विभाग ने हरियाणा रोडवेज बसों से जुड़ी प्रत्येक दुर्घटना का विश्लेषण करने और उनकी दर को कम करने के लिए एक समिति का गठन किया है।
परिवहन मंत्री ने आगे बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों और चोटों को कम करने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2016 में हरियाणा सड़क सुरक्षा नीति तैयार की थी। इस नीति का उद्देश्य य सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल निर्माताओं के सहयोग से चार ड्राइविंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान कार्यरत हैं।
परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि 7 जनवरी को दिल्ली में केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी जिसमे उन्होंने भी हिस्सा लिया था । इस बैठक में सड़क दुर्घटनाओं और परिवहन सुधार के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण मानव त्रुटियां हैं, जिनमें ड्राइवरों की अत्यधिक थकान एक बड़ी समस्या है। इस बैठक में उन्होंने सुझाव दिया था कि सड़कों के किनारे आरामगृह बनाए जाएं, जहां ड्राइवर एवं यात्री विश्राम कर सकें।
अनिल विज ने विधानसभा के सभी सदस्यों को आमंत्रित किया कि वे इस गंभीर विषय पर सुझाव देने के लिए उनके कार्यालय में आएं। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है, और नियम तोड़ने वालों के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित किया गया है और सरकार हर व्यक्ति की जान बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।